Waterfalls Places In Bihar in Hindi : दोस्तों, जब भी हम भारत में Waterfalls की बात करते हैं, तो ज्यादातर लोगों के दिमाग में महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल या मेघालय के झरने ही आते हैं। बिहार का नाम इस लिस्ट में शायद ही कोई लेता हो, क्योंकि बिहार को हमेशा उसके इतिहास, मंदिरों और बौद्ध स्थलों के लिए जाना जाता है। लेकिन सच यह है कि बिहार में भी प्रकृति ने बड़े ही उदार दिल से अपनी खूबसूरती बिखेरी है। कैमूर की पहाड़ियों से लेकर रोहतास के पठार तक, यहाँ ऐसे-ऐसे Hidden Waterfalls मौजूद हैं जो देखने में किसी भी बड़े Tourist Destination से कम नहीं हैं।
अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो भीड़-भाड़ से दूर, शांत और Natural Places पर घूमना पसंद करते हैं, तो यह आर्टिकल खास आपके लिए है। मानसून के मौसम में बिहार में सैकड़ों छोटे-बड़े झरने बहने लगते हैं, लेकिन इनमें से कुछ झरने साल भर अपनी खूबसूरती बनाए रखते हैं और Tourism के नजरिए से भी काफी Popular हैं। इस आर्टिकल में हम आपको Top 10 Waterfalls In Bihar के बारे में विस्तार से बताएंगे, जिसमें उनकी Location, Height, इतिहास और वहां तक पहुंचने का तरीका शामिल होगा।
तो दोस्तों, अगर आप अपनी अगली Trip के लिए किसी शांत और खूबसूरत जगह की तलाश में हैं, तो इस लिस्ट को पूरा पढ़िए। हो सकता है इनमें से कोई झरना आपके घर के आस-पास ही हो और आपको इसके बारे में पता ही न हो। चलिए शुरू करते हैं इस खूबसूरत सफर को।
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Top 10 Best Waterfalls Places In Bihar in Hindi

1. Kakolat Waterfall, Nawada – बिहार का सबसे मशहूर झरना
दोस्तों, अगर बिहार के झरनों की बात हो और Kakolat Waterfall का नाम न आए, तो यह लिस्ट अधूरी मानी जाएगी। नवादा जिले में स्थित यह झरना बिहार का सबसे ज्यादा घूमा जाने वाला Waterfall माना जाता है। यह झरना करीब 150 से 160 फीट की ऊंचाई से गिरता है और नीचे एक प्राकृतिक तालाब बनाता है, जहां लोग नहाने और Swimming का मजा लेते हैं। हरे-भरे जंगलों से घिरा यह स्थान गर्मी के मौसम में भी ठंडक का एहसास कराता है।

इस झरने से जुड़ी एक पौराणिक कथा भी बहुत प्रचलित है। कहा जाता है कि त्रेता युग में किसी राजा को श्राप मिला था, जिसके कारण वह अजगर बन गया था और इसी झरने के आसपास रहने लगा था। मान्यता है कि पांडवों ने अपने वनवास के दौरान इस स्थान की यात्रा की थी और राजा को इस श्राप से मुक्त कराया था। यही वजह है कि यह जगह धार्मिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है, खासकर बैसाखी के त्योहार के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
अगर आप यहां जाने की योजना बना रहे हैं, तो बता दें कि Kakolat Waterfall नवादा शहर से करीब 33 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और पटना से यहां पहुंचने में करीब 4 घंटे का समय लगता है। यहां घूमने की Entry Fee नहीं ली जाती और यह सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है। सितंबर से फरवरी के बीच यहां जाना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस दौरान पानी की मात्रा भी अच्छी रहती है और मौसम भी सुहावना रहता है।
2. Karkat Waterfall, Kaimur – मगरमच्छों का प्राकृतिक घर
दोस्तों, अब बात करते हैं Karkat Waterfall की, जो कैमूर जिले के करकटगढ़ गांव में स्थित है। यह झरना कर्मनाशा नदी पर बना है और इसकी खासियत यह है कि यह मगरमच्छों का एक प्राकृतिक आवास भी है। समय के साथ इस जगह की पहचान इतनी अनोखी बन चुकी है कि बिहार सरकार ने इसे Crocodile Conservation Reserve के रूप में विकसित करने की योजना भी बनाई है, ताकि यहां Eco-Tourism को बढ़ावा दिया जा सके।

इतिहास की बात करें तो अंग्रेजों के जमाने में और मुगल शासकों के दौर में भी यह जगह शिकार के लिए काफी लोकप्रिय रही है। ब्रिटिश अधिकारी यहां मगरमच्छों का शिकार करने आया करते थे। आज के समय में यह क्षेत्र कैमूर वन्यजीव अभयारण्य का हिस्सा है, जिसकी स्थापना 1979 में हुई थी। घने जंगलों और पहाड़ों के बीच स्थित यह झरना प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है।
अगर आप Adventure और Wildlife दोनों का मजा एक साथ लेना चाहते हैं, तो Karkat Waterfall आपके लिए बेहतरीन जगह है। यहां जाने के लिए अक्टूबर से मार्च का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि इस दौरान मौसम ठंडा और सुहावना रहता है। ध्यान रहे, चूंकि यह मगरमच्छों का घर है, इसलिए यहां पानी में उतरते समय सावधानी बरतना बहुत जरूरी है।
3. Telhar Kund, Kaimur – रोहतास पठार का छुपा हुआ खजाना
दोस्तों, Telhar Kund एक ऐसा झरना है जो रोहतास के पठार पर स्थित है और अपनी शांत प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यह झरना कैमूर जिले के भभुआ-औढ़ौरा रोड पर स्थित है और दुर्गावती नदी के उद्गम स्थल के काफी करीब है। इस झरने के पास ही दुर्गावती जलाशय परियोजना भी मौजूद है, जिसकी वजह से यह इलाका और भी खूबसूरत दिखाई देता है।

खास बात यह है कि तेलहर कुंड का पानी हर मौसम में ठंडा ही रहता है, चाहे गर्मी हो या सर्दी। यही वजह है कि इसे बिहार के सबसे ठंडे कुंडों में गिना जाता है। इस पूरे क्षेत्र में कैमूर की पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच Tutla Bhawani Waterfall और Manjhar Kund जैसे कई अन्य खूबसूरत झरने भी मौजूद हैं, जो बरसात के मौसम में और भी हरे-भरे और जीवंत हो उठते हैं।
अगर बात करें कि यहां कैसे पहुंचा जाए, तो भभुआ (कैमूर जिला मुख्यालय) से Telhar Kund की दूरी करीब 32 किलोमीटर है, वहीं मोहनिया से यह करीब 47 किलोमीटर दूर है। यहां का सबसे नजदीकी Railway Station भभुआ रोड (कोड BBU) है। भभुआ से तेलहर कुंड तक का रास्ता प्राकृतिक नजारों से भरा हुआ है, जो अपने आप में एक यादगार सफर बन जाता है।
4. Manjhar Kund, Sasaram – कैमूर रेंज का अनोखा झरना
दोस्तों, अब बात करते हैं Manjhar Kund की, जो रोहतास जिले के मुख्यालय सासाराम के पास कैमूर रेंज में स्थित है। यह झरना काव नदी पर बना हुआ है और इसे बिहार के सबसे खूबसूरत झरनों में से एक माना जाता है। इस झरने की कुल ऊंचाई करीब 4.5 मीटर यानी 15 फीट है, लेकिन यह तीन अलग-अलग हिस्सों में बंटकर गिरता है, जिससे इसका नजारा और भी दिलचस्प हो जाता है।

यह झरना पूरी तरह से बारिश के मौसम पर निर्भर करता है, यानी मानसून के दौरान इसमें पानी का बहाव सबसे ज्यादा होता है। लगभग 50 मीटर यानी 160 फीट की चौड़ाई में फैला यह झरना देखने में किसी छोटे लेकिन आकर्षक जलप्रपात जैसा लगता है। इसके आसपास का इलाका हरियाली से भरा हुआ है, जो इसे Picnic और Photography के लिए एक बेहतरीन जगह बनाता है।
Manjhar Kund की सबसे खास बात यह है कि यह पास में स्थित Dhua Kund से बहुत नजदीक है, इसलिए ज्यादातर पर्यटक इन दोनों जगहों को एक ही Trip में कवर कर लेते हैं। अगर आप सासाराम या उसके आसपास के इलाके में रहते हैं या घूमने जा रहे हैं, तो यह झरना आपकी लिस्ट में जरूर शामिल होना चाहिए। अक्टूबर से फरवरी का समय यहां घूमने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है।
5. Dhua Kund, Sasaram – जुड़वा झरनों का अनोखा संगम
दोस्तों, अब बारी है Dhua Kund की, जो रोहतास जिले के सासाराम के पास कैमूर रेंज में स्थित है। यह झरना भी काव नदी पर बना है और अपने जुड़वा झरनों (Twin Falls) के लिए खास तौर पर जाना जाता है। इसकी कुल ऊंचाई करीब 37 मीटर यानी 122 फीट है, और यह एक ही जगह से कैस्केड के रूप में गिरता है, जो देखने में बेहद आकर्षक लगता है। हिंदी में “धुआं” शब्द का मतलब Smoke होता है, और इस झरने का नाम भी इसी वजह से पड़ा है, क्योंकि जब पानी तेज गति से नीचे गिरता है, तो उससे धुएं जैसा Mist बनता है।

यह झरना भी पूरी तरह से मानसून पर निर्भर करता है, इसलिए बारिश के मौसम में यहां पानी अपने पूरे वेग में बहता हुआ नजर आता है। इस जगह की एक खास बात यह भी है कि यहां 50 से 120 मेगावाट तक की Hydroelectricity पैदा करने की क्षमता है, जिससे इस झरने का महत्व सिर्फ पर्यटन तक सीमित नहीं रह जाता। आसपास कई प्राचीन मंदिर भी मौजूद हैं, जो इस क्षेत्र को धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाते हैं।
दोस्तों, हर साल रक्षाबंधन के त्योहार पर Dhua Kund के प्रांगण में एक विशेष मेला (Festival) आयोजित किया जाता है, जिसमें आसपास के इलाकों से हजारों लोग शामिल होते हैं। चूंकि यह झरना Manjhar Kund के बिल्कुल पास स्थित है, इसलिए ज्यादातर पर्यटक इन दोनों जगहों को एक साथ घूमने का प्लान बनाते हैं। अगर आप अक्टूबर से फरवरी के बीच यहां जाते हैं, तो आपको सबसे अच्छा अनुभव मिलेगा।
6. Tons Falls, Sasaram – रोहतास का छुपा हुआ रत्न
दोस्तों, अब बात करते हैं Tons Falls की, जो रोहतास जिले के सासाराम क्षेत्र में, Dhua Kund के बिल्कुल नजदीक स्थित है। यह झरना टोंस नदी पर बना हुआ है और चारों तरफ से घने जंगलों और चट्टानी इलाकों से घिरा हुआ है। यही वजह है कि यह जगह Trekking और Photography के शौकीनों के बीच खासा लोकप्रिय है। यहां का वातावरण इतना शांत है कि शहर की भागदौड़ से दूर सुकून की तलाश करने वालों के लिए यह किसी जन्नत से कम नहीं लगता।

इस झरने के आसपास का इलाका रोहतास पठार का हिस्सा है, जहां चट्टानों को काटकर बनी गहरी घाटियां और तीखी ढलानें देखने को मिलती हैं। बारिश के मौसम में जब पानी का बहाव तेज होता है, तो यह झरना अपनी पूरी भव्यता के साथ नजर आता है। स्थानीय लोगों के बीच यह जगह अभी भी पूरी तरह से Commercial Tourism से अछूती है, इसलिए यहां आपको भीड़ से राहत जरूर मिलेगी।
अगर आप Offbeat Destinations की तलाश में रहते हैं, तो Tons Falls आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यहां जाने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से फरवरी के बीच माना जाता है, जब मौसम ठंडा और सुहावना रहता है। चूंकि यह जगह अभी भी काफी हद तक अनजान है, इसलिए यहां जाते समय स्थानीय गाइड की मदद लेना एक बेहतर विकल्प रहेगा, ताकि रास्ता भटकने की नौबत न आए।
7. Tutla Bhawani Waterfall, Rohtas – आस्था और प्रकृति का संगम
दोस्तों, अब बारी है Tutla Bhawani Waterfall की, जो रोहतास जिले के तिलौथू गांव के पास स्थित है और देहरी-ऑन-सोन शहर से करीब 20 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में पड़ता है। इस झरने का नाम पास में स्थित तुटला भवानी मंदिर के नाम पर रखा गया है, जिसकी वजह से यह जगह सिर्फ एक Natural Spot ही नहीं, बल्कि एक धार्मिक स्थल (Religious Site) भी है। यहां का माहौल इतना शांत और आध्यात्मिक है कि पर्यटकों के साथ-साथ श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं।

यह झरना मानसून के बाद अपने पूरे रूप में खिल उठता है, जब पानी का बहाव सबसे ज्यादा होता है। घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों के बीच स्थित यह जगह उन लोगों के लिए परफेक्ट है, जो प्रकृति और आध्यात्मिकता दोनों का एक साथ अनुभव करना चाहते हैं। मंदिर परिसर में शांति से बैठकर झरने की आवाज सुनना अपने आप में एक अलग ही अनुभव है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
दोस्तों, अगर आप Nature Lovers हैं या फिर धार्मिक यात्रा पर निकलना चाहते हैं, तो Tutla Bhawani Waterfall आपकी लिस्ट में जरूर होना चाहिए। यहां जाने के लिए अक्टूबर से फरवरी का समय सबसे उपयुक्त रहता है। चूंकि यह जगह कैमूर की पहाड़ियों में स्थित तेलहर कुंड और मंझर कुंड के भी काफी करीब है, इसलिए एक ही ट्रिप में आप इन तीनों जगहों को आसानी से कवर कर सकते हैं।
8. Ramdhara Falls, Aurangabad – कम मशहूर लेकिन बेहद खूबसूरत
दोस्तों, अब बात करते हैं Ramdhara Falls की, जो औरंगाबाद जिले में स्थित है। बिहार के बाकी झरनों की तुलना में यह झरना थोड़ा Less Known है, लेकिन इसकी खूबसूरती किसी भी मशहूर झरने से कम नहीं है। घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों के बीच बसा यह स्थान Peace और Solitude की तलाश करने वालों के लिए एक परफेक्ट जगह है। यहां आपको भीड़-भाड़ से पूरी तरह दूर, बस प्रकृति की आवाज और पानी की कलकल सुनाई देगी।

इस झरने के आसपास का इलाका Relaxation और Nature Walks के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है। चूंकि यह जगह अभी भी Mainstream Tourism से थोड़ी दूर है, इसलिए यहां का वातावरण बेहद शांत और स्वच्छ बना हुआ है। जो लोग शहर की भागदौड़ से थककर कुछ पल सुकून के बिताना चाहते हैं, उनके लिए Ramdhara Falls एक बेहतरीन Weekend Getaway साबित हो सकता है।
दोस्तों, यहां जाने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच माना जाता है, जब मौसम ठंडा और सुहावना रहता है। चूंकि यह जगह अभी Offbeat Category में आती है, इसलिए यहां जाते समय अपने साथ जरूरी सामान और स्थानीय जानकारी जरूर रखें। औरंगाबाद शहर से यहां तक पहुंचना अपेक्षाकृत आसान है और सड़क मार्ग से आप आराम से इस खूबसूरत जगह तक पहुंच सकते हैं।
9. Gavar Ghat Waterfall, Kaimur – पिकनिक के शौकीनों की पसंदीदा जगह
दोस्तों, अब बारी है Gavar Ghat Waterfall की, जो कैमूर जिले में स्थित एक और खूबसूरत झरना है। अपनी Pristine Beauty और शांत माहौल के लिए मशहूर यह जगह खासकर Picnic और Nature Walks के लिए जानी जाती है। मानसून के मौसम में जब पानी का बहाव अपने चरम पर होता है, तब यह झरना अपनी सबसे खूबसूरत छवि में नजर आता है, और यही वजह है कि बारिश के दिनों में यहां पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ जाती है।

कैमूर जिला वैसे भी अपने कई झरनों के लिए जाना जाता है, और Gavar Ghat Waterfall इसी लिस्ट का एक अहम हिस्सा है। घने जंगलों और चट्टानी रास्तों से घिरा यह इलाका Trekking के शौकीनों को भी खूब आकर्षित करता है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य ऐसा है कि आप घंटों यहां बैठकर सिर्फ पानी को गिरते हुए देख सकते हैं और समय का पता ही नहीं चलेगा।
दोस्तों, अगर आप परिवार या दोस्तों के साथ किसी Peaceful Picnic Spot की तलाश में हैं, तो Gavar Ghat Waterfall एक बढ़िया विकल्प है। यहां जाने का सबसे उपयुक्त समय अक्टूबर से मार्च के बीच माना जाता है। चूंकि यह जगह कैमूर के बाकी झरनों जैसे तेलहर कुंड और करकट वाटरफॉल के भी करीब है, इसलिए एक ही ट्रिप में आप इन सभी जगहों को आराम से कवर कर सकते हैं।
10. Kashish Waterfall, Kaimur – कैमूर की पहाड़ियों का एक और रत्न
दोस्तों, हमारी लिस्ट का आखिरी लेकिन उतना ही खूबसूरत झरना है Kashish Waterfall, जो कैमूर की पहाड़ियों में स्थित है। यह झरना उसी इलाके में मौजूद है जहां तेलहर कुंड और मंझर कुंड जैसे मशहूर झरने भी स्थित हैं। घने जंगलों और हरी-भरी वादियों के बीच बसा यह झरना उन यात्रियों के लिए एक छुपा हुआ खजाना है, जो कैमूर की पहाड़ियों में गहराई तक एक्सप्लोर करना पसंद करते हैं।

इस झरने की खासियत यह है कि यह अभी भी ज्यादातर पर्यटकों की नजरों से दूर है, जिसकी वजह से यहां का प्राकृतिक सौंदर्य पूरी तरह से Untouched बना हुआ है। बरसात के मौसम में जब पूरी कैमूर रेंज हरियाली की चादर ओढ़ लेती है, तब इस झरने का नजारा देखने लायक होता है। शांत वातावरण और ठंडी हवाओं के बीच यहां समय बिताना किसी भी नेचर लवर के लिए एक यादगार अनुभव बन सकता है।
दोस्तों, अगर आप कैमूर की पहाड़ियों की Full Exploration करना चाहते हैं, तो Kashish Waterfall को अपनी लिस्ट से बाहर मत रखिए। चूंकि यह जगह थोड़ी दुर्गम है, इसलिए यहां जाने के लिए स्थानीय लोगों से रास्ते की जानकारी लेना बेहतर रहेगा। अक्टूबर से फरवरी के बीच का समय यहां घूमने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।
FAQs – Best Waterfalls Places In Bihar in Hindi
Q1. बिहार का सबसे ऊंचा झरना कौन सा है?
Kakolat Waterfall को बिहार का सबसे ऊंचा और सबसे मशहूर झरना माना जाता है, जो करीब 150-160 फीट की ऊंचाई से गिरता है।
Q2. बिहार में झरने देखने का सबसे अच्छा समय कब है?
ज्यादातर झरनों के लिए अक्टूबर से फरवरी का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है, हालांकि मानसून के बाद इनका बहाव सबसे ज्यादा होता है।
Q3. बिहार में सबसे ज्यादा झरने किस जिले में हैं?
कैमूर और रोहतास जिले में बिहार के सबसे ज्यादा झरने मौजूद हैं।
Conclusion
दोस्तों, यह थी हमारी Top 10 Waterfalls In Bihar की पूरी लिस्ट, जिसमें हमने Kakolat से लेकर Kashish Waterfall तक, बिहार के सबसे खूबसूरत और कम मशहूर झरनों के बारे में विस्तार से जाना। इनमें से ज्यादातर झरने कैमूर और रोहतास जिले में स्थित हैं, जो बिहार के Natural Tourism Hub माने जा सकते हैं। अगर आप भी प्रकृति के करीब कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो इनमें से कोई भी जगह आपकी अगली Trip के लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है।
उम्मीद है कि यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा और अब आप बिहार को सिर्फ इतिहास और मंदिरों के राज्य के रूप में नहीं, बल्कि एक खूबसूरत Natural Destination के रूप में भी देखेंगे। अगर आप इनमें से किसी भी झरने पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो मौसम और स्थानीय सलाह जरूर ध्यान में रखें, खासकर उन झरनों के लिए जो मानसून पर पूरी तरह निर्भर हैं।
दोस्तों, अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो, तो इसे अपने उन दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें जो घूमने-फिरने के शौकीन हैं। धन्यवाद!







